नेपाल : नये नोट पर विवादित नक्शा छापने का फैसला, भारत से तनाव बढ़ने की आशंका

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New Delhi (4 November 2024) : नेपाल की केपी शर्मा ओली की सरकार ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने एक नया नोट छापने का फैसला किया है, जिस पर नेपाल का नया नक्शा होगा। इस नक्शे में भारत के तीन इलाके लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को नेपाल का हिस्सा बताया गया है। यह नक्शा 2020 में जारी किया गया था और तब से भारत-नेपाल के रिश्तों में तनाव बना हुआ है।

भारत का कहना है कि ये तीनों इलाके उसके हैं। नया नोट नेपाल राष्ट्र बैंक जारी करेगा। यह 100 रुपये का नोट होगा। नोट छापने का ठेका एक चीनी कंपनी चाइना बैंकनोट प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन को दिया गया है। कंपनी 30 करोड़ नोट छापेगी। इसके लिए उसे 89.9 लाख डॉलर मिलेंगे। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ओली सरकार राष्ट्रवाद की राजनीति खेल रही है। वह इस मुद्दे का इस्तेमाल भारत के खिलाफ लोगों को भड़काने के लिए कर रही है। भारत ने पहले ही कह दिया है कि नेपाल के दावे मनगढ़ंत हैं और वह उन्हें बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करेगा। 2020 में जब नेपाल ने नया नक्शा जारी किया था, तब भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। भारत ने इसे एकतरफा कार्रवाई बताया था और नेपाल को चेतावनी दी थी कि इस तरह के कृत्रिम विस्तार स्वीकार्य नहीं होंगे।

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि हमारा रुख बेहद स्पष्ट है। हम नेपाल के साथ एक स्थापित मंच के माध्यम से अपने सीमा मामलों पर चर्चा कर रहे हैं। इस बीच, उन्होंने अपनी तरफ से कुछ एकतरफा कदम उठाए म उठाए हैं, लेकिन अपनी तरफ से कुछ करके, वे हमारे बीच की स्थिति या जमीनी हकीकत को बदलने वाले नहीं हैं।

नेपाल की सीमा भारत के पांच राज्यों- सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से लगती है। सीमा की कुल लंबाई 1,751 किलोमीटर से ज्यादा है। लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी पश्चिमी नेपाल में उत्तराखंड से लगे हुए हैं। नए नोट को लेकर भारत की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन माना जा रहा है कि इससे दोनों देशों के रिश्तों में और खटास आ सकती है। यह मामला पहले से ही दोनों देशों के बीच एक बड़ा विवाद बना हुआ है। नये नोट से इस विवाद को और हवा मिलने की आशंका है। (एजेंसी)

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